श्रीराम और मौनी अमावस्या के बारे में कथा सुन धन्य हुए श्रद्धालु


सुलतानपुर। मौनी अमावस्या पर भागवताचार्य पं कृष्ण कांत मालवीय ने अयोध्या के राम की पौड़ी के निकट भक्तों को श्रीराम कथा और मौनी अमावस्या के बारे में कथा सुनाई। उन्होंने बताया कि ब्रह्म जी के मन से सृष्टि के प्रथम पुत्र मनु का जन्म हुआ था। आज के दिन भगवान विष्णु और पीपल की पूजा का महत्त्व है। आज के दिन मौन धारण कर स्नान करने की भी प्रथा है। शास्त्रों के मुताबिक मौन धारण करने से जीवन में सकारात्मक बदलाव आते हैं। चित्त शांत रहता है और मन के विकार दूर होते हैं। स्नान के साथ दान करने से मनुष्य का जीवन सफल हो जाता है। मौनी अमावस्या पर बड़ी संख्या में स्नान करने पंहुचे श्रद्धालुओं ने कथा का श्रवण किया। कथा का आयोजन बस्ती की शिक्षिका सरिता शुक्ला की ओर से किया गया।11000 दीपों का हुआ दीपदानमौनी अमावस्या पर वेदान्ती जी महाराज के सौजन्य 11000 दीपों का दीपदान किया गया। पंडित मालवीय ने बताया कि मौनी अमावस्या पर दीपदान से मन की चेतना स्थिर होती है और अंधकार मय चित्त में रोशनी जगमगाती है।